Good habits in hindi for kids - बच्चो के लिए जरुरी अच्छी आदतें।

Good habits in hindi for kids
 Good habits in hindi for kids

Good Habits in Hindi for Kids – बच्चो के लिए जरुरी अच्छी आदतें। 

मुझे पूरी उम्मीद है इस पोस्ट को कोई बच्चा बिलकुल नहीं पढ़ रहा होगा आप जरूर उनके माता-पिता या बड़े भाई-बहन होंगे। बच्चो के मामले आप सब एक बात नोटिस की होगी, बच्चो को कितना भी समझा लो वो करेंगे अपने मन की ही। जिसमे सबसे ज्यादा शामिल है मोबाइल चलाना, समय पर खाना नहीं खाना, बातो को न मानना आदि।

बड़े और जिंदगी का ज्यादा एक्सपीरियंस (तजुर्बा) होने की वजह से हम सब जानते हैं कि एक अच्छा इंसान बनने के लिए अच्छी आदतों को होना बहुत जरुरी है, इन अच्छी आदतों की वजह से ही इंसान समाज में अच्छी पहचान बना पाता है। किसी इंसान की अच्छी आदतें और अच्छा व्यवहार ही उसे समाज में आदर और सम्मान दिलाता है।

मेरा मानना है जिस तरह दुनिया में मौजूद हर जीव का बच्चा कुछ भी सिर्फ सुन कर नहीं सीखता, सीखने की प्रक्रिया में वो देख कर और उसे खुद करके सीखता है। माता-पिता के लिए सिर्फ बोल कर और समझा कर बच्चो में अच्छी आदतें विकसित करना बहुत मुश्किल होता है। ऐसे में माता-पिता को खुद भी बच्चा बन कर और अच्छी आदतों को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए, ताकि बच्चा देख कर सीखे। 

बाकी और पारिवारिक जिम्मेदारियों की वजह से माता-पिता के लिए यह काम करना थोड़ा कठिन हो सकता है। इसलिए इस पोस्ट पर कुछ अच्छी आदतें बताई गई है, जिन्हें आप अपने छोटे बच्चे को सीखा सकते है और उनकी दिनचर्या का हिस्सा बना सकते है। आप से मिले मार्गदर्शन और सहयोग के साथ बच्चे इन अच्छी आदतों को आसानी से सीख जाएंगे।

तो साहेब, चलिए जानते है Good habits in hindi for kids के बारे में। यहाँ पर आपको स्वास्थ सम्बंधित, व्यवहार संबंधित अच्छी आदतों के बारे में जानने को मिलेगा, जो कि ना सिर्फ बच्चो को सफल बनाने के बारे में है बल्कि इन आदतों से हम खुद भी बहुत कुछ सीख सकते हैं। 

बच्चो को समय की अहमियत बताएं :

हम सब इस बात को इंकार नहीं कर सकते कि दुनिया में हर जीवित चीज़ का समय निश्चित है, तो ऐसे में हमारा एक एक पल कीमती होना चाहिए। आपने देखा ही होगा जिसे अच्छे से समझ में आ जाता है कि वो अमर नहीं है तो उसके पास व्यर्थ गवाने के लिए समय ही नहीं बचता, बस कुछ बड़ा करने की आस में वो अपना जीवन गुजर देते हैं।   

मुझे पूरा विश्वास है अगर आप इस बात को अपने या बच्चे  जीवन में उतारते है तो आपके सोचने और काम करने के तरीके बहुत बड़ा बदलाव आएगा। ऐसा करके हम बच्चो को उनके Goal के बारे में सचेत कर सकते हैं। 

बच्चे चंचल होते हैं इसलिए वो हर बार कुछ नया सीखने और करने की कोशिश करते हैं। ऐसे में उन्हें ऐसे काम करने की प्रेरणा दे जिसमे समय का योगदान हो, जैसे बीज से पौधा और पौधे से फूल खिलाना।  हो सकता है आपको ये बात अजीब लगे लेकिन इसमें समय पर पौधे को पानी देना, अधिक धुप से बचाना जैसे नियमित कामो से बच्चे में जिम्मेदारी का बोध बढ़ेगा। इस काम को एक गमले में भी किया जा सकता है।  

समय पर और नियमित किसी काम को करने पर फायदे ये होंगे की, बच्चा समय की एहमियत को समझेगा और अपने काम खुद समय (Time) से करना सीखेगा जिसमे शामिल है :   

  •     सोने और जागने के समय में सुधार। ( अपनी तरफ से आप उसे कम से कम 8 घंटे की नींद लेने दे। )  

  •     अपना काम खुद करने की आदत।  (बच्चे से सिर्फ उसका ही काम करवाए अपना नहीं 😁😁😃)

सवाल करने की आदत : 

जब बच्चा पैदा होता है और इतनी सारी चीज़े अचानक देखता है तब उन्हें समझने के लिए सवाल उठते हैं। जैसे एक छोटा बच्चा सोचता है ये टी.वी, ये दूध की बोतल, ये बेड, ये घर, ये पेड़ सब उसके माता-पिता ने उसके लिए बनाये हैं, क्युकी उसका ख्याल रखने वाले उसके माता-पिता के अलावा वो किसी और को जानता ही नहीं। लेकिन बड़ा होने के साथ उसके देखने और समझने का दायरा बढ़ने लगता है और उसे समझ  में आने लगता है की नहीं ये सब उसके माता-पिता ने नहीं बनाया।  बड़े होने के साथ उसके सवाल भी बढ़ने लगते हैं। 

यही वजह है बच्चे चंचल होते हैं, बच्चो के मन में ढेर सारे सवाल उठते ही रहते हैं और ऐसे में उन सवालो का जवाब देने के लिए माता-पिता को जरा भी पीछे नहीं हटना चाइये , इन्ही सवालो और जवाबो की मदद से बच्चे की बुद्धि (दिमाग) का विकास होता है।  

जहां स्कूलों में सवाल में करने पर टीचर हमे डांट कर या सब के सामने मजाक उड़ा कर बैठा देते है, वही आपको ऐसा बिलकुल नहीं करना है। 

बच्चे के हर सवाल का जवाब विनम्रता से दें और उसी दौरान कुछ नयी और रोमांचक बाते तथा फायदे-नुक्सान भी बताये। सवालो का होना ही हमे जवाब खोजने की प्रेरणा देता हैं , इसलिए सवाल करने में कोई बुराई नहीं है। 

सवालो के जवाब देने के दौरान आप बता सकते हैं :

खेल खुद की अहमियत : 

बच्चो को योग या Excercise या Running करने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। लेकिन बहुत कम ही होंगे जो इसे मानेंगे, बच्चे खेलना कूदना ज्यादा पसंद करते हैं क्युकी इसमें उन्हें मजा आता है।
 हम सब जानते है कि बढ़ती उम्र के साथ हमारा खेलना कूदना बंद हो जाता है, ऐसे में खेल कूद के असली मकसद (अहमियत) के बारे में बताये जिससे बड़ा होने पर भी बच्चा अपने शरीर को एक्टिव रखने के तरीके को excercise या योग के जरिये आदत में शामिल रख सके। 
खेल-कूद या Excercise करने से होने वाले फायदे :

  • दिमाग को जरूरी मात्रा में ऑक्सीजन मिलती हैं।
  • उछलने-कूदने पर दिमाग में खून पहुँचता है जिससे शरीर का अच्छा विकास होता है, और तनाव कम रहता है। 
  • आत्म-विश्वास (Self Confidence) बढ़ता हैं।
  • नयी और जरुरी कोशिकाएं और न्यूरॉन्स बनते हैं। 
  • नयी चीजें आसानी से सीख पाते हैं।
  • मोटिवेशन अंदर से आती है। 

सुरक्षा नियमों का पालन करें : 

मैंने कही पढ़ा था - " सावधानी ही सुरक्षा का पहला कदम है " इस बात में वाकई सच्चाई है और इसे जरूर अपने बच्चे को सिखाये। हलाकि मैंने ये भी सुना है किसी मूवी की " कायदे में रहोगे तो फायदे में रहोगे " 

बच्चों को सड़कों पर सावधानी पूर्वक चलना, जेबरा क्रॉसिंग पर पार करना आदि सीखना चाहिए, किसी भी ड्राइवर को परेशान ना करना, गैस सिलिंडर, ज्वलनशील पदार्थपटाखे, विद्युतीय (electric) उपकरण आदि खतरनाक चीजों से दूर रहने की सीख दें। यह कुछ सुरक्षा आदत है जिनको बच्चों को जरूर सिखना चाहिए और पालन करना चाहिए।

अनजान खतरों से सावधान रहें :

बच्चे तो नादान, भोले और मासूम ही होते हैं, ऐसे में अच्छे और बुरे के बीच अंतर करना उनके लिए मुश्किल होता है। बाहर जाते वक्त बच्चो को पास रहने को कहें, साथ ही यह भी सिखाये कि अच्छा स्पर्श और बुरा स्पर्श क्या है और असहज होने पर किस तरह से इसका विरोध करें।

बच्चो को यह भी बताए कि किसी अजनबी से बात नही करनी चाहिए और किसी अंजान व्यक्ति से खाने पीने कि चीज कभी भी नही लेना चाहिए।

अच्छा खान-पान और स्वस्थ रहने की आदत बनाए :

बच्चों को हरी सब्जी और फलों जैसे अधिक ताजे खाद्य पदार्थ खाने के लिए प्रेरित करे। हमेशा ऐसा खाना खाये जिनमे 60-70 प्रतिशत तक पानी (वाटर कंटेंट) हो, ऐसा आहार शरीर में जल्दी पचता है और सेहत प्रदान करता है। उन्हें वसायुक्त शर्करा और डिब्बा-बंद स्नैक्स आदि से बचना चाहिए।

बच्चो को शक्कर, added-flavor वाले सामग्री देने से बचना चाहिए, इसके बजाय उन्हें मजेदार, स्वादिष्ट और पौष्टिक विकल्प पर जाए जैसे कि सूखे मेवे, नट्स और घर का बना ज्यूस आदि। 

अच्छे खाद्य पदार्थों बच्चो को दिन में एक्टिव (active) रहने और महत्वपूर्ण चीजों पर ध्यान केंद्रित (focused) रहने के लिए पर्याप्त ऊर्जा प्रदान करते हैं।

सामान्य जागरूकता बढ़ाने की आदत बनाए:

तेज़ी से बदलती इस  सिर्फ पढ़ाई-लिखे सीखना ही काफी नहीं, दुनिया में बहुत कुछ नया हो रहा है जिसे बच्चो को बता कर उनकी कल्पना शक्ति बढ़ाई जा सकती है। मुझे लगता है कुछ सालो में अंदर वो दिन दूर नहीं जब उड़ने वाली कारे हमारे आस-पास होंगी ऐसे में बच्चा कुछ नया सोचना सीखेगा। 

आज के समय में अखबार और किताबे पढ़ना बहुत जरुरी आदत है। इससे न केवल उनका ज्ञान बढ़ाता है बल्कि उनकी Language Skill भी बढ़ती है। 

बच्चो में Reading और Writing के फायदे  –

  • मेमोरी पॉवर बढती हैं।
  • सोच का विस्तार होता हैं।
  • पर्सनालिटी निखरती हैं।
  • बात करने और शब्दों का चयन करने की समझ आती है। 
  • कल्पना शक्ति और Visualization power बढती हैं।
  • कलात्मक खूबियों (Creative Skills) में निखार होता है।
  • Problem solving skill बढती हैं।

सार्वजनिक व्यवहार के बारे में बताए:

सार्वजनिक जगह में लोगों की असुविधा, वेटर या दुकानदारों से सम्मान जनक तरीके से बात करना, उन चीजों को उठाना जो आपने फैलाई हैं, सार्वजनिक भवनों और स्मारकों की रक्षा और उनकी अहमियत करना कुछ सामान्य चीजे है जो बच्चों को अच्छे से बताना और सीखना चाहिए। 

इसलिए आपको अपने बच्चों को सार्वजनिक रूप से व्यवहार करना सीखाना चाहिए। जिससे कि वो हर जगह पर सबका सम्मान करे और इस व्यव्हार के बदले वो प्रशंसा का पात्र बने।

साझा करना सीखाना:

बच्चों को चीजे Share करना घर और स्कूल से ही सिखाया जा सकता है। खाने की मेज पर दूसरों के साथ अपनी पसंदीदा डिश साझा करें। इससे दुसरो की ख़ुशी में अपनी ख़ुशी तलाशने का हुनर बढ़ेगा और बच्चा किसी ख़ास चीज़ पर निर्भर नहीं रहेगा। ऐसा करने के लिए उन्हें हमेशा प्रोत्साहित करना चाहिए।

अच्छी आदतों की वजह से बच्चे स्वस्थ और खुशहाल जिंदगी बिता सकते है। बस आप याद रखें, अभिभावक या प्रशिक्षक के रूप में, हर समय अच्छे व्यवहार को प्रोत्साहित करना आपका कर्तव्य और दायित्व है। बच्चों को अच्छी सीख देते समय सकारात्मक दृस्टीकरण हमेशा जरुरी है।

Good habits in hindi for kids के इस पोस्ट पर आखिरी और जरुरी आदत है। 

सभी के प्रति Gracefull (आभारी रहना ) और बड़ो का सम्मान करें :

टेक्नोलॉजी कितनी भी क्यों न बढ़ जाए हम फिर भी नहीं जान पाएंगे की अगले 1 मिनट में क्या हो जाएगा, इसलिए हमे खुद को और बच्चो को इस Mother-Nature और पर्यावरण के प्रति हमेशा आभारी रहना चाहिए जिसने हमे जीवन दिया है।   

ना सिर्फ स्कूल में बल्कि स्कूल से जाने के पहले और आने के बाद भी हमे अपने से बड़ो का आशीर्वाद लेना चाहिए। आपके आस पास रहने वाले सभी लोगों का आपको सम्मान करना है. बड़ों को नमस्ते या राम राम करें, या फिर उनके पैर छूकर आशीर्वाद ले सकते हैं. इसमें कोई बुराई नहीं है। 

निष्कर्ष - Conclusion 

ये थी कुछ Good habits in hindi for kids / children या अच्छी गुणवत्ता (Qualities) जो किसी बच्चे या विद्यार्थी में होनी ही चाहिए। अगर आप अभिभावक (Guardian) या विद्द्यार्थी हैं इन आदतों को सीखे और सिखाएं। दोस्तों इस पोस्ट लिखने में मुझे अपने बचपन की याद आ गयी उम्मीद करता हूँ आपको पढ़ कर अच्छा लगा होगा। अगर आपको लगता है कि कुछ चीज़े मुझसे छूट गयी है या कोई भूल-चूक हो गयी है तो कमेन्ट (Comment) करके जरूर बताये।

आप इस पोस्ट को अपने दोस्तों, रिश्तेदारों और अध्यापकों को भी शेयर कर सकते हैं, जिससे सभी बच्चों को अच्छी आदतें के बारे में प्रोत्साहित किया जा सके।  

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